अगर आप चारधाम यात्रा का प्लान बना रहे है तो आपके लिए काम की खबर है। बताया जा रहा है कि शीतकाल के लिए धामों के कपाट बंद होने वाले है। गंगोत्री- यमुनोत्री धाम के कपाट बंद करने का मुहूर्त तय कर लिया गया है। वहीं, बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने की तिथि एवं मुहूर्त विजयादशमी पर्व पर 24 अक्टूबर तय होंगे। ऐसे में अब आपके पास बस एक माह का समय है धाम के दर्शन के लिए।
मिली जानकारी के अनुसार बढ़ती ठंड और बर्फबारी को देखते हुए अब गंगोत्री धाम और केदारनाथ धाम के कपाट बंद करने की तारीख और मुहूर्त भी तय कर लिया गया। गंगोत्री धाम के कपाट बंद करने का मुहूर्त तय कर लिया गया है। धाम के कपाट शीतकाल के लिए 14 नवंबर को अन्नकूट के पावन पर्व पर अभिजीत मुहूर्त की शुभ बेला पर 11 बजकर 45 मिनट पर बंद किए जाएंगे। इसके अगले दिन 15 नवंबर को भाईदूज के पर्व पर मां गंगा की उत्सव डोली अपने मायके मुखबा मुखीमठ में पहुंचेगी। जहां मां गंगा का स्वागत एक बेटी की तरह गांव के ग्रामीणों द्वारा किया जाएगा।
वहीं बताया जा रहा है कि यमुनोत्री धाम के कपाट 15 नवंबर को बंद किए जाएंगे, जिसका समय विजयदशमी के पर्व पर तय किया जाएगा। वहीं 24 अक्तूबर को दशहरा के दिन बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने के शुभ मुहूर्त की घोषणा की जाएगी। जबकि 15 नवंबर को भैया दूज के दिन केदारनाथ धाम के कपाट बंद होंगे। बढ़ती ठंड और बर्फबारी को देखते हुए अब गंगोत्री धाम और केदारनाथ धाम के कपाट बंद करने की तारीख और मुहूर्त भी तय कर लिया गया है।
बताया जा रहा है कि दशहरा के दिन बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय की उपस्थिति में रावल एवं धर्माधिकारी पंचांग गणना के बाद कपाट बंद होने के मुहूर्त की घोषणा करेंगे। विजयदशमी को ही द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट बंद होने की तिथि ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथि शीतकालीन गद्दी स्थल मार्कंडेय मंदिर मक्कूमठ में तय होगी।
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