किशोरी द्वारा विभागीय अधिकारियों पर लगाये गए दुष्कर्म के आरोप पाए गए झूठे, निलंबन निरस्त…

उत्तराखंड में हल्द्वानी बाल संप्रेक्षण गृह मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि यहां किशोरी द्वारा विभागीय अधिकारियों पर लगाये गए दुष्कर्म के आरोप झूठे पाए गए  है। किशोरी की मेडिकल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की कोई पुष्टि नही हुई। मामले में अनुसेवक और होमगार्ड के निलंबन को निरस्त किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार विगत दिनों हल्द्वानी स्थित सम्प्रेषण गृह में रह रही किशोरी ने विभागीय अधिकारियों पर अपने साथ दुष्कर्म की जानकारी दी गई थी। पूरे मामले की महिला कल्याण विभाग व पुलिस विभाग के द्वारा जांच की गई जिसमे उक्त किशोरी द्वारा अपने साथ दुष्कर्म किये जाने की घटना की बात पूरी तरह से झूठी निकली। जिसपर आज महिला कल्याण विभाग ने संप्रेक्षण गृह की महिला कर्मचारी दीपा और गंगा को निर्दोष पाते हुए दोनों की नियुक्ति को बहाल कर दिया है।

बताया जा रहा है कि विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय स्तर पर एक जांच कमेटी का गठन किया गया था,साथ ही सम्प्रेषण गृह में कार्यरत अनुसेवक और होमगार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी किया गया था।  वहीं पूरे मामले की पुलिस के स्तर से भी सम्पूर्ण जांच की जा रही थी। साथ ही मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि संप्रेषण गृह में रह रही किशोरी अपने घर जाना चाहती थी जिसके लिए उसके द्वारा दुष्कर्म की यह पूरी झूठी कहानी रची गई थी।