राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी भू कानून को लेकर चलाएगी विशेष अभियान, ये रणनीति तय…

Uttarakhand News: आज यहां प्रदेश कार्यालय मे एक अहम बैठक में मूलनिवास अभियान मे शामिल राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिये सर्वदलीय समन्वय समिति बनाए जाने की आवश्यकता बताते हुए कहा है कि इसमे सभी संगठनों और राजनीतिक दलों से दो – दो सदस्य लेकर एक समन्वय समिति बनाई जानी चाहिए।

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि पार्टी आगामी विधानसभा सत्र में मूल निवास और भू कानून का विधेयक पास कराने के लिए राष्ट्रवादी रीजटल पार्टी उत्तराखंड के विधायकों का हस्ताक्षर अभियान चलाएगी। सेमवाल ने कहा कि उत्तराखंड के सभी पार्टियों के विधायकों से मूल निवास और भू कानून के लिए समर्थन मांगा जाएगा तथा आगामी विधानसभा सत्र में मूल निवास और भू कानून का विधेयक पास कराने के लिए उनको राजी किया जाएगा।

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र पंत ने कहा कि झारखंड की विधानसभा में जब वर्ष 1932 की भूमिधरी के अनुसार मूल निवास का विधेयक पारित किया जा सकता है तो उत्तराखंड में भी स्थानीय हितों की रक्षा के लिए मूल निवास को लेकर ठोस कानून बनाए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि या तो पूरे देश में मूल निवास को लेकर एक जैसा प्रावधान किया जाए या फिर उत्तराखंड में भी मूल निवास लागू किया जाना चाहिए।

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी की संगठन सचिव सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि पूरे प्रदेश में पार्टी जन समर्थन तथा जागरूकता के लिए ऋषिकेश , हल्द्वानी सहित तमाम पर्वतीय जिलों में कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ तथा चमोली जैसे जिले और खटीमा आदि क्षेत्र जनजाति बाहुल्य क्षेत्र हैं और नेपाल तथा चीन की सीमाओं से सटे हुए हैं, लिहाजा विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते उनके हितों का संरक्षण जरूरी है। सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि गढवाली और कुमाऊँनी मार्शल कौम हैं। इसलिए इनके हितों को मुख्यधारा के अतिक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए सरकार को मूलनिवास तथा भूप्रबंधन पर कानून बनाना चाहिए।

बैठक मे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल, प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र पंत, संगठन सचिव सुलोचना ईष्टवाल, संजय डोभाल, शैलबाला ममंगाई, जगदंबा बिष्ट, राजेंद्र गुसांई, विनोद कोठियाल, संजय तितोरिया, गोविंद अधिकारी, मंजू रावत, प्रमोद डोभाल, उपेंद्र सकलानी, मनोरमा चमोली, सहित दर्जनो पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।