देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर इस दिन से दौड़ेगे वाहन, समय सीमा की गई तय, जानें अपडेट…

अब देहरादून से दिल्ली का सफर आसान होने वाला है। महज ढाई घंटे में दून से दिल्ली में पहुँचा जा सकेगा। दिल्ली-हरिद्वार के बीच 5 से 2 घंटे तक कम हो जाएगा। इस परियोजना को पूरा करने के लिए काम युद्धस्तर पर चल रहा है। अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ओपनिंग डेट को लेकर नया अपडेट आया है। बताया जा रहा है कि मार्च 2024 तक चार चरण में वाहन दौड़ेंगे। एक्सप्रेसवे के चार चरणों का काम सबसे आगे चल रहे है। 31 मार्च तक दिल्ली में अक्षरधाम से यूपी बॉर्डर तक का काम पूरा होकर यातायात शुरू करने के निर्देश दिए गए है।

मिली जानकारी के अनुसार 210 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का काम शुरू में मार्च 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जमीन अधिग्रहण में देरी, कोरोना और कई जगहों पर विरोध के चलते निर्माण कार्य समय पर नहीं शुरू हो पाया था। निर्माण के मामले में पिछड़ रहे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे  को अब गति मिलने जा रही है। केंद्र सरकार के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार के शीर्ष अधिकारी और एनएचएआई के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट को लेकर अलग से समीक्षा की है, जिसमें कई बड़े निर्देश दिए गए है।

बताया जा रहा है कि अब तीन स्तर पर प्रोजेक्ट की समीक्षा का फैसला लिया गया है। प्रतिदिन होने वाले कार्य की रिपोर्ट तैयार होगी। इसके साथ ही हर 15 दिन पर एक्सप्रेसवे से जुड़े परियोजना निदेशक कार्य की प्रगति पर रिपोर्ट देंगे। इसी तरह से हर महीने एक्सप्रेसवे के रूट पर पड़ने वाले जिलों के जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और एनएचएआई के अधिकारियों साथ समीक्षा होगा। प्रोजेक्ट को पूरा करने की अंतिम समय सीमा बढ़कर मार्च 2025 तक पहुंच गई, लेकिन अब एक्सप्रेसवे के सभी 11 चरणों में बिना बाधा के निर्माण कार्य चल रहा है।

नई समय सीमा के तहत एनएचएआई अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि 31 मार्च तक दिल्ली में अक्षरधाम से यूपी बॉर्डर तक का काम पूरा होकर यातायात शुरू हो जाए।यूपी बॉर्डर से खेकड़ा ईपीई तक 31 मार्च की डेट तय की गई है। जबकि ईपीई क्रॉसिंग से सहारनपुर बाईपास तक 31 अगस्त और सहारनपुर बाईपास से गणेशपुर तक 05 नवंबर की डेट तय की गई है। बताया जा रहा है कि एक्सप्रेसवे के चार चरणों का काम सबसे आगे चल रहे है। इसका काम फरवरी 2024 के अंत तक पूरा हो जाएगा और सुरक्षा ऑडिट होने के बाद 31 मार्च तक वाहनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है।