उत्तरकाशी : वाह नगरपालिका बाड़ाहाट ! कहीं शौचालय से सीढ़ी गायब तो, कहीं पूरा शौचालय ही गायब..आखिर कैसे करें इनका उपयोग?

  • उत्तरकाशी, रिपोर्ट – प्रवेश नौटियाल

 

चारधाम यात्रा की दृष्टि से उत्तरकाशी शहर गंगोत्री धाम का मुख्य पड़ाव है। जिसको देखते हुए जिला प्रशासन और नगर पालिका बाड़ाहाट की यात्रा व्यवस्था की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है ।

बताते चलें कि इन दिनों नगर पालिका बाड़ाहाट अपने कार्यों को लेकर चर्चाओं में है, हालात ये हैं कि नगर पालिका ने डेढ़ वर्ष पहले 1.43 लाख रुपये का एक मोबाइल शौचालय खरीदा। जिसको पालिका ने गंगोत्री हाइवे पर ज्ञानसू की ओर तांबाखाणी सुरंग के पास लगाया। परंतु इस शौचालय को पालिका ने भी अभी तक संचालित नहीं किया है। चारधाम यात्रा मार्ग पर लगाए गए इस मोबाइल शौचालय तक पहुंचने के लिए सीढ़ी तक नहीं लगाई गई है। जिस कारण यह मोबाइल शौचालय सफेद हाथी बना हुआ है। इस शौचालय को देखकर तीर्थ यात्री इसके पास रुक रहे हैं। परंतु सीढ़ी न होने के कारण इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं तथा खुले में शौच करने को मजबूर हैं।

ज्ञानशू निवासी वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप रावत बताते हैं कि बीते साल से यह शौचालय ताँबाखानी सुरंग के पास खड़ा है, लेकिन आज तक इसका इस्तेमाल किसी ने नहीं किया है, न तो शौचालय तक पहुंचने के लिए सीढ़ी है, न ही इसमें पानी की व्यवस्था है। प्रदीप रावत ने नगर पालिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर पालिका बाडाहाट पैसों की बंदरबाँट कर दुरुपयोग कर रही है।

बताते चलें कि नगर पालिका बाड़ाहाट ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक फर्म को 9.26 लाख रुपये में आठ प्री फैब्रिकेटेड पोर्टेबल व एक मोबाइल शौचालय को स्थापित किए जाने का कार्य सौंपा। मई 2021 में प्री फैब्रिकेटेड पोर्टेबल शौचालय को स्थापित किए जाने का कार्य पूर्ण हुआ। परंतु नगर पालिका बाड़ाहाट में भ्रष्टाचार और कागजों में निर्माण पूरा करने को लेकर वर्षों से चली आ रही परिपाटी इन शौचालयों पर भी लागू हुई।
जोशियाड़ा निवासी शरद रावत ने जब पालिका से इन शौचालयों को लेकर आरटीआई के तहत सूचना मांगी तो पालिका ने यह तो बताया कि सभी संचालित हैं। पर कहां-कहां हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी नही दी गई।

जोशियाड़ा वार्ड के सभासद अजीत गुसांई ने कहा कि प्री फैब्रिकेटेड पोर्टेबल शौचालय का निर्माण कागजों में हुआ है। उनके वार्ड में तीन शौचालय लगाने की बात पालिका की ओर से कही जा रही है। परंतु पालिका की ओर से उन्हें शौचालय लगाने के संबंध में कोई जानकारी तक नहीं दी गई।

समस्या गंभीर है अब देखना होगा शासन प्रशासन इस संबंध में क्या कदम उठाता है?