चुनाव हो न हो छात्र हित में सदैव समर्पित रहूंगा: देवराज बिष्ट

  • उत्तरकाशी, रिपोर्ट – प्रवेश नौटियाल

रामचंद्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी के छात्रसंघ महासचिव और दिचली गमरी एकता संगठन के अध्यक्ष देवराज बिष्ट ने अपने सोशल मीडिया पेज के माध्यम से महाविद्यालय के छात्र छात्राओं और क्षेत्र की जनता के समुख अपने विचार रखे। उन्होंने अपने पेज के माध्यम से अपने कार्यकाल की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए बताया कि

“मेरे छात्रसंघ कार्यकाल को दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं; मेरा सौभाग्य रहा की मुझे निरंतर दो वर्षों तक छात्र सेवा का अवसर प्राप्त हुआ।

मैं पुनः सभी छात्र-छात्राओं व समर्थकों का धन्यवाद ज्ञापित करना चाहूंगा कि आप सभी के स्नेह से मुझे महाविद्यालय में प्रतिनिधत्व करने का मौका मिला।”

छात्र हितों में मेरे द्वारा कही प्रयास किए गए जिनमें कुछ निम्नवत है:-

•अपने कार्यकाल में छात्र हितों को लेकर हर संभव प्रयास किए, चाहे वो छात्रों के शिक्षा-परीक्षा-परिणाम से लेकर हो या महाविद्यालय संबधी मांगों को लेकर ।

जिन किन्हीं छात्र-छात्राओं की महाविद्यालय संबंधित समस्या हुई मैंने उसके अपने स्तर से निस्तारण हेतु पूर्ण प्रयास किया।

 

•स्वयं हर एक-एक छात्र छात्रा तक पहुंच कर उनकी मूल समस्याओं को जमीनी स्तर पर उसके निस्तारण का पूर्ण प्रयत्न किया।

फिर भी हो सकता है कि किन्हीं छात्र-छात्राओं की कॉलेज से संबंधित समस्या के समाधान करने में मैं समर्थ न हो पाया हूं तो उसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं।

 

•छात्र हितों के लिए विभिन्न पत्राचार,मांग व प्रदर्शन इत्यादि किए।

 

•छात्रों की लाइब्रेरी संबंधित समस्याओं को आगे रखा व छात्रों को समय -समय पर पुस्तकें प्रदत की जाए इसके प्रति भी मजबूती से आवाज उठाई जिसमें की आज तक ढिलाई होती रही थी।

•कोरोना काल जैसी विकट परिस्थिति में भी छात्र हितों को वरीयता देकर छात्र हित में आगे खड़ा रहा।

•छात्र-छात्राओं को कोरोना काल में प्रोमोट करवाने में महाविद्यालय की ओर से अहम भूमिका निभाई।

•कोविड-19 के कारण परीक्षा से वंचित छात्र-छात्राओं हेतु परीक्षा करवाने की मांग कर परीक्षा आयोजित करवाने में भूमिका रही।

•पुरानी बैक परीक्षा वाले छात्र-छात्राओं को आसाइनमेंट के आधार पर प्रोमोट करवाने की मांग कर उनको प्रोमोट करवाने में अहम भूमिका निभाई।

•यूनिवर्सिटी में जाकर परीक्षा परिणामों को त्रुटि को सुधारा व भविष्य में छात्रों के परिणाम में ऐसी त्रुटियां न हो इसके लिए विश्वविद्यालय को हिदायत देकर सचेत किया।

•महाविद्यालय में नूतन शैक्षणिक सत्र में प्रवेश ले रहे छात्र-छात्राओं हेतु ऑनलाइन T.C. व C.C. अनिवार्य न रख मेरिट फॉर्म भरने दिए जाने हेतु अनुमति दिलाई।

•महाविद्यालय पार्किंग की जीर्ण शीर्ण स्थिति को सुधारने हेतु मांग की।

•छात्र-छात्राओं की मार्कशीट यूनिवर्सिटी से जल्द महाविद्यालय में पहुंचाने की मांग की ताकि छात्र छात्राओं को यूनिवर्सिटी के चक्कर ना काटने पड़े।

•ओपन यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं को समय समय पर पुस्तकें व मार्कशीट वितरित करवाने की मांग की।

ऐसे तमाम छोटे बड़े प्रयास छात्र हित में किए।

छात्र संघ चुनाव हो न हो मैं छात्र हित में था हूं और रहूंगा ; क्योंकि मैं चुनाव छात्र हित करने के लिए लड़ा था न कि चुनाव हेतु सिर्फ वोट बैंक या चुनाव जीतने के लिए।

वर्तमान में नूतन शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्र छात्राएं एवं तमाम प्रिय भाई-बहन अपने को असहाय न समझें,आपके हितों के लिए मैं आज भी और आगे भी खड़ा रहूंगा।

क्योंकि मैंने जीवन में एक सीख ली है

 *”आसमान की ऊंचाइयों तक जाना है तो जड़ें जरूरी है”*

मैं समस्त छात्र छात्राओं को ये भरोसा दिलाना चाहूंगा कि आप सभी की मांगों व समस्याओं के निस्तारण हेतु पूर्ण प्रयासरत्त रहूंगा।