उत्तरकाशी : सतोपंथ आरोहण कर लौटा 12 सदस्य आर्मी दल

  • मुकुल नौटियाल / उत्तरकाशी INDIA 121

हिमालय की ऊंची चोंटियों में सुमार सतोपंथ जो कि 7075 मीटर(21206फिट) पर  भारत का तिरंगा फहराकर बंगाल इंजीनियर रूढ़की आर्मी की 12 सदस्य टीम  लौट आई है। गंगोत्री से इस टीम ने 2सितंबर को इस चोंटी पर जाने के लिए अभियान शुरू किया था। लेकिन मौसम के खराब होने के कारण टीम को अपने अभियान को पूरा करने में एक महीने से अधिक समय लगा। वहीं टीम सतोपंथ का सफल आरोहण कर लौट आई है।

हिमालय राज्य उत्तराखंड की चौथी सर्वोच्च चोंटी सतोपंथ के आरोहण के लिए 12 सदस्य बंगाल इंजीनियर रूढ़की आर्मी की टीम ने 2 सितंबर को गंगोत्री से अभियान शुरूआत की था। जिसके बाद इस टीम ने भोजवासा जो कि गंगोत्री से 14किमी की दूरी तथा 3700 मीटर की ऊंचाई पर कैंप लगाया। अगले दिन नंदनवन जो कि भोजवासा से 11 किमी आगे तथा 4500मीटर की ऊंचाई पर होते हुए वासूकीताल पहुंचे जो यहां से 7किमी आगे तथा 4900मीटर की ऊंचाई पर कैंप लगाया। इसके बाद इस टीम ने आगे का सफर तय करते हुए बर्फीले रास्ते से होते हुए कैंप वन पर रूके।

जहां से अगले दिन सतोपंथ चोंटी आरोहण के लिए एक समिट कैंप बनाया गया था। रियल एडवेंचर गंगोत्री के दीपक राणा बताते हैं,कि समिट कैंप तक पहुंचने में हमें 16 दिन का समय लगा जबकि सतोपंथ आरोहण के लिए हमारी ओर से 24 दिनो का अभियान तय किया गया था। वहीं16 दिनो के अभियान के बाद लगभग डेढ़ हप्ते तक मौसम खराब रहा। इस दौरान काफी बर्फबारी तथा कई फिट तक बर्फ गिरने के साथ  क्रेवास बन गए जिससे अभियान आगे नहीं बढ़ पाया। और समिट कैंप में रूककर मौसम साफ होने का इंतजार किया गया।

राणा ने बताया कि जब मौसम साफ हुआ तो फिर दोबार से अभियान शुरू किया गया। जिसके बाद अर्मी टीम ने सतोपंथ चोंटी 7075 मीटर(21206फिट) पर तिरंगा फहराया। वहीं आर्मी टीम सतोपंथ का सफल आरोहण कर लौट आई है।

इस मौके पर लीडर मेजर पीके राय,मेजर श्रुति पारिल,प्रकाश नारायण,हरीश,हरिपाल,नवीन,शंभू,विशन,टीम के साथ मौजूद रहे।