राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की उत्तराखंड में तैयारियां शुरू, दून में दिया जाएगा निमंत्रण…

भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की घड़ी जैसे – जैसे नजदीक आ रही है,  लोगों का उत्साह बढ़ता जा रहा है. राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले भी अयोध्या नगरी दीपों की रोशनी के सरोवर में डुबकी लगाने को तैयार है।  तो वहीं इसके लिए देहरादून में भी तैयारियां शुरू हो गई है। बतायाजा रहा है कि रामलला अभिजीत मुहूर्त पौष शुक्ल द्वादशी 22 जनवरी को सम्पन्न होगा. इस मौके पर देशभर के मठ मंदिरों में भी इसी मुहूर्त पर धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। वहीं इससे पहले 15 जनवरी तक देहरादून के चार लाख परिवारों को प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार “श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्राणप्रतिष्ठा दिवस अर्थात 22 जनवरी 2024 पर देश भर के पांच लाख से अधिक मंदिरों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए आमंत्रण हेतु ‘पूजित अक्षत’ 5 नवंबर को देश भर के 45 प्रांतों से अयोध्या धाम पधारे कार्यकर्ताओं को समर्पित किये जायेंगे. उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद 48 दिनों तक यह उत्सव चलता रहेगा. वहीं 125 विद्वान ग्रंथों का पारायण भी किया जाएगा। इसके लिए देहरादून में भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भव्य आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण देने के लिए विश्व हिंदू परिषद (विहिप), बजरंग दल और आरएसएस की संयुक्त टीमें लग गई हैं।

बताया जा रहा है कि आयोजन को सफल बनाने के लिए हरिद्वार में प्रांत स्तर की बैठक हो चुकी है। इसमें अयोध्या से आया अक्षत कलश सौंपा गया। इस कलश को देहरादून में संघ कार्यालय में प्रांत प्रचारक को सौंप दिया गया है। इस अक्षत को पूरे जिले आमंत्रण पत्र के साथ बांटा जाएगा।  देहरादून में 15 जनवरी तक चार लाख परिवारों को प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा। निमंत्रण पत्र में अयोध्या से आई पूजित अक्षत, भगवान श्रीराम का फोटो और आमंत्रण पत्र दिया जा रहा है। वहीं प्राण प्रतिष्ठा के दिन दूनवासियों से घर के बाहर पांच दीपक जलाकर दिवाली जैसा उत्सव मनाने का आह्वान किया जा रहा है।

वहीं दूसरी ओर राम मंदिर ट्रस्ट ने पत्रक जारी कर शुभ मुहूर्त में धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए भारत की जनता से अपील की है। राम मंदिर ट्रस्ट धार्मिक अनुष्ठान के बाद महाआरती और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी करेगा। राम मंदिर ट्रस्ट ने जानकारी दी कि मंदिर के भूतल पर गर्भगृह में बाल स्वरूप रामलला, प्रथम तल पर राम दरबार और पूरे मंदिर में कुल पांच मंडप नृत्य मंडप, रंग मंडप, गूढ़ मंडप, प्रार्थना मंडप, कीर्तन मंडप बन रहे हैं।