टिहरी : औषधीय  मशरुम गैनौडमा ल्यूसिडम का उत्पादन किताब का विमोचन

  • टिहरी

वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी में डा0 अरविन्द बिजल्वाण एवं सहयोगी वैज्ञानिकों द्वारा लिखिज किसानोपयोगी पुस्तिका ’औषधीय  मशरुम गैनौडमा का उत्पादन’ का विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 अजीत कुमार कर्नाटक नें किया विमोचन ।

वी0 च0 सिं0 ग0 उत्तराखण्ड़ औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के कुलपति प्रो0
अजीत कुमार कना र्टक द्वारा वानिकी महाविद्यालय रानिचोरी के वैज्ञानिको के द्वारा लिखित किसानोपयोगी पुस्तिका ’औषधीय मशरुम गैनौडर्मा ल्यूसिडम का उत्पादन’ का दिनाकं 26/06/2021 को विधिवतविमाचे न किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन कोविद-19 के नियमों का पालन करते हुये वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी, टिहरी गढवाल के सभागार में किया गया।

औषधीय मशरुम गैनौडर्मा ल्यूसिडम का उत्पादन’ नामक शीर्षक इस पुस्तिक को वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी के कृषि-वानिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 अरविन्द बिजल्वाण, डा0 अमोल वशिष्ठ, कल्पना बहुगुणा, डा0 अलंकार सिह, सुमित चौधरी,देवेंद्र सिंह एवं गौरी कोठारी द्वारा लिखा गया।

यह पुस्तिका जी0 बी0 पतं राष्ट्रीय हिमालयन पर्यावरण एवं सतत विकाश संस्थान, अल्मोड़ा,उत्तराखण्ड (एन0 एम0 एच0 एस0, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मत्रं ालय, भारत सरकार) द्वारा वित्त पाे षत परियोजना-औषधीय मशरुम गैनौडर्मा ल्यूसिडम का गढवाल हिमालय में जलवायु समुत्थानशील के मध्येनजर जीविकापे ार्जन हेतु उत्पादन के अन्तर्गत लिखी गयी है।

इस गैनौडर्मा परियाजना को संचालन वानिकी महाविद्यालय, रानीचारै ी, टिहरी गढवाल एवं सेन्टर फार बिजनसे एण्ड इन्टरप्रिन्योरशिप
डेवलपे मेंट (सीवडे ), देहरादनू द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। पुस्तिका में औषधीय मशरुम गैनौडर्मा
ल्यूसिडम के उत्पादन से सम्बन्धित किसानों हेतु समस्त जानकारियों का समावश्े ा किया गया है।

पुस्तिका के विमाचे न के अवसर पर भरसार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 अजीत कुमार कनार्ट क न ें कहा कि गैनौडर्मा ल्यूसिडम एक आ ैषधीय मशरुम ह ै जिसकी भारत एवं विश्व मे अत्यधिक मा ंग ह ै तथा वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी मेंगैनाडै र्मा ल्यूसिडम पर शोध किया जा रहा है एवं परियोजना क्षत्रे में किसानो के माध्यम से इसे उगाया जा रहा है।

प्रो0 कनार्ट क ने कहा कि गैनौडर्मा ल्यूसिडम एक अत्यन्त
महत्वपूर्ण औषधीय मशरुम है जिसका कि बाजार मूल्य अच्छा है एवं किसान भाई इससे अच्छा पैसा कमा सकते हैं।

पुस्तिका विमाचे न के अवसर पर विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डा0 सी0 तिवारी ने भी गैनौडर्मा ल्यूसिडम मशरुम को किसानों की आय बढानें के किये उपयोगी बताया।

इस अवसर पर वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी के संकाय सदस्य एवं वैज्ञानिक डा0 अजय यादव, डा0 लक्ष्ती रावत, डा0 चतर सिंह धनाई, डा0 आर0 रस0 बाली, डा0 इन्द्र सिंह, डा0 पदम सिंह, डा0 शिखा, डा0 रीना जोशी, डा0
पंकज कुमार, डा0 दीपा रावत, डा0 कीर्ती कुमारी, इ र्0 सौरव मिश्रा एवं परियोजना के शिधार्थी कलप्ना
बहुगुणा, देवेन्द्र सिंह एवं गौरव कोठारी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन काे वद-19 के नियमों
का पालन करते हुए वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी के सभागार में किया गया।

क्या है औषधीय मशरुम ग ैना ैडर्मा ल्यूसिडम
प्रियोजना प्रभारी डा0 अरविन्द बिजल्वाण ने बताया कि गैनाडे र्मा ल्यूसिडम एक महत्वपूर्ण औषधीय
मशरूम है जिसे आमतौर पर ऋषि मशरूम या लिंगझी भी कहा जाता है (चित्र 1 से 3) ।

यह एक कवक (फंगस) है एवं खाद्य मशरूमों से भिन्न है क्योंकि यह लकड़ी या उसके बुरादे पर ही उगता है एवं लकड़ी से ही अपना पोषण लेता है।

इस मशरूम को चीन, जापान, कोरिया, ताइवान, थाईलैंड, मलि शया, वियतनाम,इंडोनेशिया इत्यादि में एक हर्बल दवा के रूप में काफी लंबे समय से प्रयोग किया जा रहा है। भारत मे भी इस मशरूम का प ्राचीन वण र्न मिलता है। गैनोडर्मा ल्यूसिडम मशरूम को इसके गुणों के कारण अमरता
का मशरूम या चिरंजीवी मशरूम भी कहा जाता ह ै।

यह मशरूम एक चमत्कारिक मशरूम है क्योंकि इसे
कई बीमारियों जैसे मधुमेह, हृदय रागे , वृक्क रोग, चर्म रोग, रक्तचाप, गठिया, कैंसर इत्यादि के इलाज में
प्रयोग किया जाता है। इसमे उपस्थित रासायनिक अवयवों जैसे- विटामिन्स, मिनरल्स, न्यि क्लयोटाइड्स,

गेनोडेरेनिक एसिड, लेक्टान्े स, अल्कलॉइड्स इत्यादि के कारण यह मशरूम औषधीय गुणां े से भरपरू है।
आ ैषधीय मशरूम गैनोडर्मा ल्यूसिडम के शुष्क मशरूम या मशरूम पाउडर का बाजार भाव सामान्यतया
4000-8000 रू. प्रति किलागे ्राम है।