स्वास्थ्य उपकेंद्र रौंतल से फार्मेसिस्ट को न हटाया जाता तो बच जाती वृद्ध की जान, खून बहने से हुई वृद्ध की मौत

  • चिन्यालीसौड़, रिपोर्ट- प्रवेश नौटियाल

  चिन्यालीसौड़ प्रखंड के ग्राम सभा रौंतल में स्थापित स्वास्थ्य उपकेंद्र में कुछ समय पहले तक फार्मेसिस्ट की तैनाती थी, जिससे यहां के लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल जाती थी, लेकिन अब उनका स्थानांतरण देहरादून कर दिया गया है, साथ ही सरकार द्वारा अब उपकेंद्रों में फार्मेसिस्ट के पद समाप्त कर दिए गए हैं। जिससे ग्रामीण जनता के सामने विकट समस्याएं पैदा हो गई है।

 हुआ यूं कि ग्राम सभा रौंतल के एक वृद्ध रात्रि में घर के छज्जे से गिर गए और सिर पर चोट लगने से उनका अत्यधिक खून बहने लगा। यदि वहां पर पूर्व की भांति फार्मेसिस्ट की तैनाती होती, तो शायद वृद्ध की जान बच जाती लेकिन प्राथमिक उपचार न मिलने के कारण बुजुर्ग ग्रामीण की मौत हो गई।

 ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध नहीं हो पाने और वृद्ध ग्रामीण की खून बहने से मृत्यु हो गई।

 बताया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित उप केंद्रों से फार्मेसिस्ट के पद समाप्त कर दिए गए हैं। जिससे ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां से फार्मेसिस्ट के स्थानांतरण के बाद ग्रामीण क्षेत्र में तीन मौतें हो गई हैं। उन्होंने उपकेंद्र में पुनः फार्मेसिस्ट के पद लागू करने की मांग की है। ग्राम सभा रौंतल के शांतिराम मिश्रा,राम व्यास नौटियाल, रामशंकर बिल्जवान, लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, रुद्रमणि नौटियाल, नत्थी राम मिश्रा, रघुनंदन नौटियाल, ग्राम प्रधान नवीन लाल, गणेश मिश्रा,गणेश शास्त्री,शुभम नौटियाल आदि ने रौंतल उपकेंद्र में फार्मासिस्ट की तैनाती न होने पर आंदोलन करने और न्यायालय में जाने की बात कही है।