दिचली- गमरी पट्टी के ग्रामीणों ने प्रकट किया रामसुंदर नौटियाल का आभार –

  • चिन्यालीसौड़

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 टीएचडीसी ने अधिक क्षमता वाली दो मोटर बोट चिन्यालीसौड़ भेजी तो दिचली गमरी क्षेत्र के पचास गांवों की पच्चीस हजार से अधिक की आबादी ने राहत की सांस ली। धरासू देवीसौड़ दिचली मोटर मार्ग के हडियाडी में पहाड़ी कटान और सुरक्षात्मक कार्य के चलते मोटर मार्ग पर आवाजाही प्रशासन ने बंद करवा दी लेकिन कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। इस पर पूर्व राज्यमंत्री श्री रामसुन्दर नौटियाल जी ने सोमवार, मंगलवार और बुधवार को लगातार जिला प्रशासन उत्तरकाशी, पुनर्वास निदेशालय टीएचडीसी नई टिहरी से संपर्क कर मेल मुलाकात की और दिचली गमरी क्षेत्र के पचास से अधिक गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही की पुख्ता व्यवस्था के लिए संघर्ष किया। श्री रामसुन्दर नौटियाल जी के संघर्ष का परिणाम था कि प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की आवाजाही के लिए बोट उपलब्ध करवाई। बीते दिन जो बोट भेजी गई वह कम क्षमता की थी जिससे ज्यादातर ग्रामीणों की आवाजाही नहीं हो पा रही थी। पूर्व राज्यमंत्री श्री रामसुन्दर नौटियाल जी ने इस नाव के आकार व क्षमता पर नाराजगी जताई और ग्रामीणों की आबादी के अनुरूप अधिक क्षमता की दो नावों की व्यवस्था के लिए दौड़ भाग की। आज सुबह जब चिन्यालीसौड़ में झील तट पर अधिक क्षमता की दो बड़ी मोटर बोट पहुंची तो शादी विवाह की खरीददारी, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चिन्यालीसौड़ तक की दौड़ लगाने वाले दिचली गमरी क्षेत्र के ग्रामीणों के माथे से चिंता की लकीरें हट सकी।

हर संघर्ष में दिचली गमरी क्षेत्र के साथ खड़े रामसुन्दर नौटियाल जी के अथक प्रयास और दौड़ भाग से प्रशासन ने पचास गांव की पच्चीस हजार की आबादी के लिए जब तक सड़क न खुले तब तक आवाजाही के लिए नाव की व्यवस्था कर दी है तो हडियाडी के समीप पहाड़ी कटान व सड़क मरम्मत का काम भी तेजी से चल रहा है। 

इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री श्री रामसुन्दर नौटियाल जी ने सैकड़ों फोन कॉल्स, टीएचडीसी, पुनर्वास निदेशालय, जिलाधिकारी उत्तरकाशी कार्यालय, एसडीएम, तहसीलदार, मुख्यमंत्री कार्यालय तक किए तब तक व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करते रहे जब तक वह ढर्रे पर नहीं आई। 

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता का कहना है कि रामसुंदर नौटियाल जी ने स्थानीय जनता की पीड़ा समझी और उसके निस्तारण के लिए लगातार प्रयास किया है जिसके लिए उनका धन्यवाद भी प्रकट किया है।