बच्चों की प्रतिभा से विद्यालय के साथ-साथ अध्यापक का भी नाम रोशन होगा : डीएम

उत्तरकाशी

जिलाधिकारी डा. आषीष कुमार श्रीवास्तव ने षिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के प्रतिभा को निखारने हेतु जनपद के आदर्ष विद्यालय के प्रधानाचार्य, षिक्षक व ब्लाक एवं मुख्य षिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होने कहा कि शैक्षणिक प्रणाली में क्रियात्मक पद्वति को अपना कर पाठ्यक्रम को रूचिकर बनाये। जिससे बच्चों को पढाये गये विषय आसानी से समझ में आने से ज्ञानात्मक पक्ष बढेगा तथा बच्चे निसंकोचित होकर अपनी प्रतिभा को प्रदर्षित करेगा। उन्होने कहा कि बच्चे बुद्धि एवं प्रतिभा के क्षेत्र में कमजोर नही होता बल्कि पढ़ाये गये विषय के माध्यम कमजोर होता है। जब अध्यापक यह जान ले कि उनके द्वारा कहीं न कहीं गलती हो रहा है, वे अपना गलती स्वीकार करना सीख ले एवं उसमें सुधार करें तो स्वतः ही बच्चे षिक्षा के क्षेत्र में प्रगति की ओर बढना प्रारम्भ करेगा। बच्चों की प्रतिभा से विद्यालय के साथ-साथ अध्यापक का भी नाम रोषन होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों में षिक्षा की स्तर को उठाना है तो अध्यापक व छात्र के मध्य अच्छा व्यवहार होना चाहिए। अध्यापक के व्यवहार ही बच्चों के पढाई को प्रभावित करता है। बच्चों में ज्ञान व  प्रतिभा कमी नही होती, बल्कि बच्चो व अध्यापक के होने वाले क्रियात्मक कार्याे पर निर्भर करता है, उन्होने कहा कि बच्चों में अपनी प्रतिभा को छोडना होगा। विषय को पढ़ाते समय माध्यम को आकर्षक एवं रोचक बनाये। उद्हारण एवं प्रयोगात्मक पक्ष को भी महत्व दें। कहा कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी बच्चों को निपुण बनायें, उनमें बोलने की जागृति पैदा करें, साथ ही बच्चों से प्रषनोत्तर की तारतम्य भी बनायें। वर्तमान में हो रहे घटना क्रम की जानकारी एवं ज्ञानात्मक पक्ष भी उन्हंे बताये।
जिलाधिकारी ने कहा कि हर 15 दिन में अक्रमिक रूप से बच्चों की मौखिक परीक्षा ली जाय। प्रत्येक माह में पढ़ाये गये विषय की लिखित परीक्षा लेे, एवं अगले परीक्षा के बाद बच्चों को उनके अंक बताये कि इस परीक्षा में तुम्हारा इतना अंक की बढोत्तरी या कमी हुई है। इस परीक्षा से उत्र्तीण या अनुत्र्तीण से कोई लेना देना नही है बल्कि बच्चों के शैक्षणिक विकास को जानना है। बच्चों की प्रतिभा के बारे में उनके परिजन को भी बताये। उन्होने विद्यालय में मध्यन्तर को अक्रमिक रूप से भी बच्चों की उपस्थिति लेने को कहा। प्रत्येक माह को अभिभावक अध्यापक मीटिंग कराने के निर्देष दिया। कहा कि मीटिंग अभिभावक के तय की गई समय पर ही करवाना सुनिष्चित करें। 16 अगस्त से सभी आदर्ष विद्यालयों में सक्रीयता से पढाना प्रारम्भ करें। उन्होने कहा कि इसकी रिर्पोट  संबंधित विद्यालयो के प्रधानाचार्य से अक्रमिक रूप से कभी भी लिया जायेगा। जिलाधिकारी ने बैठक में अनुपस्थित रहे अध्यापको की स्पष्टीकरण लेने के निर्देष मुख्य षिक्षा अधिकारी को दिया।
उन्होंने कहा कि कक्षा 9 से लेकर 12 तक के सभी 35 आदर्ष विद्यालयों के बच्चों में एक्टिविटी प्रतियोगिता की जाय जिसमें सांस्कृतिक एवं कला भी शामिल हो। कहा कि प्रतियोगिता में प्रत्येक ब्लाक से एक-एक टीम तथा 2 टीम केन्द्रीय विद्यालीय व एक टीम नवोदया विद्यालय मध्य 14 नवम्बर 2017 को बाल दिवस के अवसर प्रतियोगिता करायी जायेगी। चयनित छात्रों को अनुसंधान भ्रमण के लिए भेजा जायेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि कक्षा में शैक्षणिक वातावरण बनाने रखना एवं स्वच्छता के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका कक्षा अध्यापक की होती है।
इस अवसर पर मुख्य षिक्षा अधिकारी आर एल आर्य, ब्लाक षिक्षा अधिकारी, चमन लाल शाह, परिपूर्णा नन्द रतूडी, आदर्ष विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं अध्यापक आदि उपस्थित थे।