जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण

उत्तरकाशी

जिलाधिकारी डा. आषीष कुमार श्रीवास्तव ने आज प्रातः 10 बजे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित डाॅक्टर एवं कर्मचारी को स्पष्टीकरण देने के निर्देष दिया। जबकि प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को बिना अनुमति के मुख्यालय छोडने पर स्पष्टीकरण देने हेतु पत्र भेजा। उन्होने सभी वार्डों, दवा वितरण कक्ष, स्टोर, स्टाॅक, ओपीडी कक्ष, पौथोलाॅजी, फिज्योथेरैपी, रेडियोलाॅजी कक्ष, शौचालय, एवं महिला चिकित्सालय के सभी वार्ड एवं दवा वितरण कक्ष में उपलब्ध व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी डा. श्रीवास्तव द्वारा उपस्थिति रजिस्टर की जांच के दौरान पांच डाॅक्टर, दो फार्मसिस्ट एवं एक वार्डवाय अनुपस्थित पाये गये, साथ ही प्रभारी प्र.चि.अ. डा. भागेन्द्र रावत को निर्देषित किया कि आज के बायोमेट्रिक उपस्थिति रिर्पोट उपलब्ध कराना सुनिष्चित करें।
जिलाधिकारी डा. श्रीवास्तव ने चिकित्सा परिसर के औचक निरीक्षण के दौरान वाॅष सीट, शौचालय, कक्षों एवं सीढियों में गंदगी पाये जाने पर संबंधित कर्मचारी को स्वच्छ रखने हेतु कडी चेतावनी दी कहा कि तीन दिन बाद निरीक्षण के दौरान गंदगी मिलने पर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी एवं अस्पताल कोे निर्देष दिया कि सफाई ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही करें। उन्होने संबंधित डाक्टर अधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देषित किया कि वार्ड में रोगी के साथ एक ही तिमारदार को रखें अनावष्यक भीड़ जुटने न दें । उन्होने वार्डाे में का निरीक्षण कर मरीजों की हाल चाल जाना, एवं डाक्टरों द्वारा की जा रही उपचार के बारे में पूछा जिस पर रोगियों ने बताया कि डाक्टरो द्वारा समय समय पर सेवा दी जा रही है। अस्सी गंगा घाटी की एक महिला ने जिलाधिकारी को बताया कि उनकी उल्टी नही रूक रही है जिस पर डाक्टर ने उपचार होने की बात कही। जिलाधिकारी ने डाक्टरों को निर्देषित किया कि रोगियों के उपचार में दवा की कमी नही आनी चाहिए, तत्काल दवा मंगवाये।
इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होने कहा कि महिला ओपीडी के वाहर तत्काल कुर्सी लगवाये जिससे आने वाले रोगियों को बैठने की समस्या न हो सके।
इस अवसर पर तिमारदार अनिल परमार ने कहा कि जिलाधिकारी की इस तरह की पहल सराहनीय है, बढती रोगियों की संख्या व डाक्टरों के कार्यप्रणाली में जरूर सुधार आयेगा।
इस अवसर पर सीएमओ डा. कल्पना गुप्ता, डा. बचन सिह, डा. एस.डी. सकलानी, डा.सुधा सिंह आदि उपस्थित थे।