उत्तरकाशी : बाड़ागड्डी में चल रहे शिवपुराण में पहुंचे गंगोत्री विधायक गोपाल रावत, किया भण्डारे का आयोजन

  • मुकेश चौहान / INDIA 121

हरिमहाराज एवं हुणेष्वर देव के सान्ध्यि में एवं समस्त बाड़ागड्डी के जनमानस के सहयोग से ग्राम सभा कुरोली के हुणेष्वर मंदिर प्रांगण में आयोजित षिव पुराण के दसवें दिवस की कथा में ब्यासपीठ पर विराजमान ब्यास षिव प्रसाद भट्ट ने श्रोताओं को कार्तिकेय की कथा का विस्तृत वृतांत सुनाया।

कार्तिकेय को लोग हरिमहाराज के नाम से पूजते है, उन्होंने हरिमहाराज का सुन्दर वृतांत भक्तों को सुनाया। ब्यास भट्ट ने कहा कि पुराणों में लिखा है कि पहले पर्वत उड़ा करते है। कहा कि नारद द्वारा गणेष विवाह की सूचना जब कार्तिकेय को दी गयी तो कार्तिकेय वहीं से वैराग्य धारण करने हेतु कोंर्च पर्वत जो चमोली मेें स्थित है वहां चले गये। वहीं जब हरि पर्वत उड़ रहा था तभी भगवान इन्द्र हरि पर्वत पर बैठकर उसे पर्वत के रूप में स्थापित कर दिया हरि पर्वत मुस्टिक सौड़ में स्थित है।

उन्होने कहा कि कार्तिकेय घूमते-घूमते सर्व प्रथम हरूंता पहुंचे जहां उनकी मुलाकात इन्द्र से हुई इन्द्र ने कार्तिकेय को हरि पर्वत पर तपस्या करने को कहा। तभी से हरूंता से इन्द्रावती की उत्पत्ति हुई। अपने आराध्य देव की कथा सुनकर श्रोता भवविभोर हो गये।

कथा मे गंगोत्री विधायक के पहुंचने पर क्षेत्र की जनता एंव समिति ने उनका जोरदार स्वागत किया । विधायक रावत के द्वारा भण्डारे का आयोजन किया गया। विधायक प्रातः ही कथा स्थल पहुंच गये थे। कथा में शिव भक्तों द्वारा प्रतिदिन भण्डारे का आयोजन भी किया जा रहा है। वहीं युवक मंगल दल कुरोली, बोंगाड़ी तथा कंकराड़ी षिव भक्तों की सेवा में लगा है जिसकी वहां के जनमानस ने सराहना की है। समिति बाहर से आ रहे मेहमानों को षिव कवच पहना कर सम्मानित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मेजबान गांव के कुरोली के प्रधान अमर सिंह, बोंगाड़ी कविता गुसांई, कंकराड़ी द्रोपति गुसांई, मस्ताड़ी गजेन्द्र मिश्रा, साड़ा के बिजेन्द्र गुसांई, क्षेत्र पंचायत सदस्य गोपाल गुसांई, दलवीर चैहान, समित के अध्यक्ष नारायण सिंह पंवार, उपाध्यक्ष दलवीर गुसांई, कोषाध्यक्ष रमेष पंवार, राजपाल चैहान, सचिव सुन्दर सिंह राणा, सुरेन्द्र पंवार, केसर सिंह पंवार, सरंक्षण चन्दन सिंह राणा, मुन्षीलाल गुसांई, यषवंत पंवार, अजीतपाल पंवार, सूरत गुसांई, युव मंगल अध्यक्ष प्रमोद पंवार, बचन चैहान, भगवान चैहान दिनेष राणा, सतेन्द्र पंवार, जीत सिंह पंवार, रघुवीर गुसांई, भानुप्रताप गुसांई, किषन सिंह पंवार तिलाडू़ सहित अपार जनसमूह उपस्थित थे।