उत्तरकाशी : धूम धाम से मनाई गई मंगशीर बग्वाल

  • उत्तरकाशी
बड़ाहाट में मंगसीर की बग्वाल (दीपावली) बड़े धूम धाम से मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुवात में वीर भड़ माधोसिंह भंडारी की झांकियां पुरे शहर में निकाली गई और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें जागर सम्राठ बसंती बिष्ट ने जागर गया और स्थानीय कलाकार अरविन्द चौहान ने अपनी प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में विभिन क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने अपनी कला का परिचय देते हुए प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा व केंद्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डॉ स्वराज विद्धवान ने की और भैलु घुमा कर बग्वाल (दीपावली) मनाई।
बग्वाल के उत्सव का अपना अलग महत्व है। इतिहास के जानकार बताते हैं कि मंगसीर की बग्वाल गढ़वाली सेना की तिब्बत विजय का उत्सव है।
आपको बता दें कि सन 1627-28 के बीच गढ़वाल नरेश महिपत शाह के शासनकाल के दौरान जब तिब्बती लुटेरे गढ़वाल की सीमाओं के अंदर आके लूटपाट करते थे तो राजा ने माधो सिंह भंडारी व लोदी रिखोला के नेतृत्व में चमोली के पैनखंडा और उत्तरकाशी के टकनौर क्षेत्र से सेना भेजी थी। सेना विजय करते हुए दावाघाट (तिब्बत) तक पहुंच गई थी।
 कार्तिक मास की दीपावली के लिए माधोसिंह भंडारी घर नहीं पहुंच पाए थे। तब उन्होंने घर में संदेश पहुंचाया था कि जब वे जीतकर लौटेंगे तब ही दीपावली मनायी जाएगी। युद्ध के मध्य में ही एक माह पश्चात माधोसिंह अपने गांव मलेथा पहुंचे।
तब उत्सव पूर्वक दीपावली मनाई गई। तब से अब तक मंगसीर के माह इस बग्वाल को मनाने की परंपरा गढ़वाल में प्रचलित है।