अंधकार में होगी बाल विकास से हटाए गए 380 कर्मियों की दिवाली..न पैसा मिला न नौकरी…नेताओ और अधिकारियों के बीच पिसे बेरोजगार

  • देहरादून

महिला सशक्तिकरण एवं बल विकास से हटाए गए करीब 380 कर्मचारियों की बहाली पर 2 महिने बाद भी असमंजस बना हुआ है। बीते 2 महीने से हटाए गए बाल विकास के कर्मियों के ऊपर किसी का ध्यान नही है। हटाये गये कर्मचारियों ने उपनल के जरिए व पुराना भुगतान दिए जाने की मांग की है।

एक ओर सरकार रोजगार का लॉलीपॉप पकड़ा रही है तो वहीँ दूसरी और कुछ दिनों का रोजगार देकर बेरोजगारों को विकलांग बना रही है।

आपको बता दें कि महिला कल्याण बाल विकास के आउटसोर्स कर्मचारियों करीब 6 माह का मानदेय नहीं दिए गया है,और साथ ही नॉकारी से भी निकाल दिया गया है।

प्रदेश भर में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास में केंद्र और राज्य सरकार की योजनों को साकार बनाने के लिए आउटसोर्स एजेंसी के जरिए 380 कर्मचारी तैनात हैं। एजेंसी और विभाग के बीच विवाद के कारण, एजेंसी ने मई से कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया है।

अब 15 सितंबर से एजेंसी का अनुबंध भी समाप्त हो गया है। इस कारण कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त हो गई हैं।

जिसके बाद अब ये 380 कर्मचारी बेरोजगार हैं।

हटाए गए कर्मचारियों ने उपनल के जरिए व पुराना भुगतान दिए जाने की मांग की है।