द रियल एस्टेड (रेगुलेशन एण्ड डेवलपमेंट) एक्ट 2016 विषय पर कार्यशाला

होटल गार्डेनिया में नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने द रियल एस्टेड (रेगुलेशन एण्ड डेवलपमेंट) एक्ट 2016 विषय पर कार्यशाला में कहा कि इस एक्ट के आने से रियल एस्टेट मार्केट में पारदर्शिता, विश्वसनीयता एवं समयबद्धता मिलेगी। इससे न केवल बिल्डर्स के हित सुरक्षित होेगे बल्कि उपभोगता के हित भी सुरक्षित होंगे। उन्होंने कहा कि बिल्डर्स एवं काॅलोनियों का ऐसी इमेज बनी है जिस पर लोगों का विश्वास ही नहीं है। इस एक्ट के आने से रियल स्टेट बाजार में एक विश्वास का माहौल बन सकेगा। इसके लिए बिल्डर्स एवं काॅलोनी काटने वालों को पंजीकरण करना होगा। इसमें उन्हें अपनी सभी शर्तें लिखित रूप मे देनी होंगी। इससे वह मुकर नहीं सकते हैं। इसके लिए एक अथाॅरिटी का गठन होगा। यहां पर शिकायत मिलने पर अपील की जा सकती है। इसके ऊपर अपीलीय प्राधिकरण होगा। यह प्राधिकरण हाईकोर्ट के देखरेख में कार्य करेगा। इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप शून्य होगा।
नगर विकास मंत्री ने कहा कि अच्छी चीज का राजनैतिक स्तर पर भले ही विरोध हो परन्तु अन्ततः इसे स्वीकार करना पड़ेगा। इस प्राधिकरण में पंजीकरण के बाद रियल एस्टेट से जुड़े लोगा निश्चिन्त होकर सो सकेंगे। क्योंकि उनके हित सुरक्षित होंगे। इससे ग्रहकों के हित भी सुरक्षित होंगे। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत गरीबों को एक लाख मकान देने का लक्ष्य भी सरकार आसानी से पूरा कर सकेगी। डेवलपर्स अपनी योजना सरकार से साझे पर चला सकती है। इसके आधे 50 प्रतिशत भाग पर डेवलपर्स अपनी शर्तों, कीमतों पर सरकारी ब्राण्ड की मुहर लगाकर बेच सकता है। श्री कौशिक ने कहा कि  शहर को सुन्दर बनाने एवं व्यवस्थित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि रियल एस्टेट एक्ट से रियल एस्टेट में जवाबदेही सुनिश्चित होगी। हर कार्य पारदर्शी तरीके से होगा। अब बेनामी सम्पति रियल एस्टेट बाजार में नहीं लग सकेगी। जब पारदर्शिता बढ़ेगी तब इस क्षेत्र की मंदी भी दूर होगी।
इस अवसर पर सचिव एच.आर.डी.ए. वंशीधर तिवारी,डायरेक्टर पी.एच.डी.काॅमर्स अनिल तनेजा, यू.सी. जैन, जगदीश पहावा, प्रोग्राम मैनेजर कैलाश पाण्डेय आदि उपस्थित थे।